काेराेना वायरस का संक्रमण बढ़ने के साथ ही हाइड्रोक्सी क्लाेराेक्वीन टैबलेट चर्चा में आ गई है। इसकी चर्चा पूरी दुनिया में तब अाैर बढ़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप ने पीएम नरेंद्र माेदी से इस टैबलेट की मांग की। ये टैबलेट काेराेना वायरस की एकमात्र प्रिवेंटिव मेडिसिन (रोग निरोधक दवा) है। जो डाॅक्टर व स्टाफ जाे काेराेना पाॅजिटिव मरीजाें का इलाज करते हैं, उन्हें यह दवाई दी जाती है। टैबलेट की उपलब्धता के बारे में पड़ताल की तो पता चला कि अस्पतालाें में ताे यह उपलब्ध है, लेकिन बाजार में यह 10 गुना अधिक दाम देने पर भी उपलब्ध नहीं है।
स्टॉक... स्वास्थ्य विभाग ने खरीदी 10 लाख टैबलेट
पास के जिलों में भी सप्लाई की- सूत्राें की मानें ताे पिछले हफ्ते ही स्वास्थ्य विभाग ने 10 लाख टैबलेट खरीदी हैं, जो शहर समेत आसपास के जिलों में भेजी गई हैं। खरीददारी मप्र हेल्थ काॅर्पाेरेशन की अाेर से की गई है।
ऐसे हाे रहा है उपयाेग-
जेपी अाैर हमीदिया समेत उन सभी अस्पतालाें में यह दवाई उन डाॅक्टर, नर्स और परिजनों काे दी जा रही है जाे सीधे ताैर पर पाॅजीटिव मरीजाें के संपर्क में अा रहे हैं। इसलिए भी अस्पतालों में इसकी जरूरत है।
वजह - हाइड्रोक्सी क्लाेराेक्वीन का 10 टैबलेट का एक रैपर 100 रुपए का मिलता था, लेकिन अब मेडिकल स्टाेर से पूरी तरह से गायब है। क्योंकि अब हजाराें लाेग यह टैबलेट लेने मेडिकल स्टाेर पर पहुंच रहे हैं। डाॅ. लाेकेंद्र दवे, एचओडी, टीवी एंड चेस्ट डिपार्टमेंट, जीएमसी के मुताबिक, क्लाेराेक्वीन दवा मलेरिया के लिए आई थी, बाद में इसका उपयाेग गठियावात व दर्द निवारक के ताैर पर हाेने लगा। हाइड्रोक्सी क्लाेराेक्वीन इसी का एडवांस वर्जन है। इसके साइड इफेक्ट भी हैं। बिना डाॅक्टर की सलाह के नहीं लेना चाहिए।
मेडिकल बंद मिलता है तो संचालक पर होगी कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी मेडिकल स्टोर खुला रखने के आदेश जारी किए। यदि कोई मेडिकल बंद मिलता है तो संचालक पर कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रशासन ने औषधि कंट्रोल सेल बनाया है। यहां से दवाएं लोगों को मुहैया कराई जा रही हैं। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0755-2660662 जारी किया है। करोंद, एयरपोर्ट रोड, नेहरू नगर, एमपी नगर समेत कई इलाकों के लोगों ने शिकायत की थी कि उनके क्षेत्र में मेडिकल बंद रहते हैं। संयुक्त नियंत्रक खाद्य डीके नागेंद्र के मुताबिक मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर नजर रखे हुए हैं।बिना वजह मेडिकल शॉप बंद की तो होगी कार्रवाई